10 असफल कोशिशों का पुल
1-जरूरी नही कि जीवन में बस खुशफहमीयाँ ही
हों
एक तरफ़ा प्यार की ग़लतफ़हमियों का शुरुर अनोखा होता है |
2-बांधे भला कब प्यार टिका है जीवन में
इस गोरखधंधे में समझदारी देर से आती है |
3- सही कहा उसने इंसान एक से नही होते
यादों की दीवार में कुछ ही
तो घाव देते हैं ....
4-चाँद का साथ साथ चलना बस बचपन में होता था
यहाँ तो चाँद के दीदार को ईदी तक तरस गयी
5-अब दुनिया में घूंघट लगाने का मतलब
बदलेगा
एक मुद्दत से कोई वफ़ा नही
मिला मुझे
6-यूँ कितनी बेबस होती है जिंदगी इंसा की ...
चंद खोटे सिक्के भी साथ छोड़ देते हैं...
7-कभी इधर घूमकर तो कभी उधर घूमकर
जिन्दगी काट दी हमने.
वो कहते हैं जिन्दगी का फलसफा यूँ अकेले कटता नही
8-वो नस बस दब चुकी थी ढाल लिया था उसने
खुद को वैसे ही
तुम्हारी आवाज ने उसे फिर खून से सराबोर कर दिया |
9-कभी कभी तुम्हारे रुखसार को देखकर दिल कह उठता है
तू मेरा न था न होगा कभी ..फिर क्यों सरेआम तमाशा करना मोहब्बत का ..
10-आज फिर देखा तुमको झाँकते हुए
अपने सपने में दरवाजे से ...
कह देती तो खोल दिया होता दरवाजा ....आखिर सपना ही तो था

